मेरी प्रिय हिंदी किताबें

अगर आप writersmelon से जुड़े हैं {अगर आप किताबों से प्यार करते हैं, अगर आपकी लेखकों के प्रति जिज्ञासा है, तो आपको ज़रूर जुड़ना चाहिए}, तो आप जानते होंगे कि इस साल हमने अपने हिंदी मंच का आग़ाज़ किया है। संतोष की बात ये है कि हमें प्रतिकिया अच्छी मिली, जिसके लिए हम अपने पाठकों के शुक्रगुज़ार हैं। 

हमनें कई प्रसिद्ध लेखकों {सुरेंद्र मोहन पाठक जी, दिव्या प्रकाश दुबे, गौतम राजऋषि, सत्य व्यास, अनु सिंह चौधरी, गीत चतुर्वेदी} का साक्षात्कार किया। कई हिंदी किताबों की समीक्षा की. एवं कुछ हिंदी साहित्य से जुड़े आलेख लिखे। 

आज, साल के आखिर में, मैं अपनी प्रिय हिंदी किताबों के बारे में बात करना चाहती हूँ। ये किताबें नयी नहीं हैं।इन्हें मैंने अपने स्कूल/कॉलेज के दिनों में पढ़ा है, पर इनकी यादें आजतक मुझसे जुड़ी हैं। अगर आप हिंदी किताबें पढ़ना चाहते हैं, तो इन किताबों से शुरुआत कर सकते हैं।

स्वामी {मन्नू भंडारी}: ये किताब पहली बार मैंने स्कूल के दिनों में पढ़ी थी। फिर दुबारा कॉलेज की दिनों में। और सिर्फ पढ़ी नहीं, बल्कि सबको पढाई भी थी। 

ये किताब शतचन्द्र जी के एक उपन्यास पर आधारित है, जिसे मन्नू भंडारी जी ने अपने अंदाज़ में लिखा है। ये एक खूबसूरत प्रेम कहानी है। कहानी मिनी की जो एक पढ़ी-लिखी, प्रगतिशील विचारधारा वाली युवती है। उसकी शादी एक ऐसे
संयुक्त परिवार में हो जाती हैं जहाँ अधिकतर लोग दकियानूसी विचारों वाले हैं और परिवार के कर्ता -धर्ता होने के बावजूद, मिनी के पति का कोई ख़ास सम्मान नहीं किया जाता है। 

ये एक ऐसी कहानी है, कुछ ऐसे लिखी गयी है कि बस एक बार में पढ़ लिया जाए। 

समय के स्वामी {प्रो. दिवाकर}: ये उन किताबों में से है जिन्हें हम अपनी छोटी सी लाइब्रेरी का छोटा सा खजाना समझते थे। ये किताब मुझे बस ऐसे ही मिल गयी थी, जिसे मैंने बिना किसी खास अपेक्षा के पढ़ना शुरू किया था। ये किताब एक साइंस फिक्शन निकली! इस कहानी में एक युवक के हाथ एक ऐसा यंत्र लग जाता है जिससे वो समय को रोक सकता है।

ये एक बहुत रोचक और मज़ेदार किताब है जिसमें आपका सामना कई हास्यास्पद परिस्तिथियों से होगा। 

शुक्र ग्रह पर धावा {प्रो. दिवाकर}: ज़ाहिर है, समय के स्वामी पढ़ने के बाद मैं जुट गयी प्रो दिवाकर की अन्य किताबों की खोज में, और मुझे मिली ये किताब {और उनकी अन्य किताबें भी}। ये भी एक साइंस फिक्शन है जिसमें कुछ वैज्ञानिक शुक्र ग्रह के एक खास मिशन को पूरा करने निकलते हैं। किसी तकनीकी कारणों से सिर्फ एक वैज्ञानिक, जो भारतीय है {ज़ाहिर है}, शुक्र ग्रह पर जा पाता है। वहां उसे एक पागल वैज्ञानिक के बारे में पता चलता है, और उसकी मुलाक़ात एक खूबसूरत लड़की से होती है। 

ये भी एक रोचक और दिलचस्प किताब है, और इसका अंत बहुत अप्रत्याशित है। 

एक बार जब एक किताब की दुकान पर प्रो दिवाकर की किताबों का जिक्र किया, तो उसने पूछा ‘कौन प्रो. दिवाकर?’ मुझे बड़ा अफ़सोस हुआ। 

गुनाहों का देवता {धर्मवीर भारती}: ये एक जानी-मानी प्रेम कहानी है, जिसके बारे में आपने ज़रूर सुना होगा। 

एक रोज़ मैंने एक सपना देखा की किसी ने मुझे दो किताबें भेंट की है। दो-तीन दिन बाद, किसी ने, अप्रत्याशित रूप से, मुझे दो किताबें दीं। हाँ, ऐसा होता है कभी-कभी। उनमें से एक थी ‘गुनाहों का देवता’। ये कहानी है सुधा और चन्दर की। चन्दर को सुधा से प्यार हो जाता है जो उसके प्रोफ़ेसर की बेटी है। हाल ही में, इसका अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित हुआ है जिसे पूनम सक्सेना जी ने लिखा है।

आलमपनाह {राफ़िया मंजुरूल अमीन}: ये किताब हालाँकि मूल रूप से उर्दू में लिखी गयी थे पर अगर मैं अपनी प्रिय किताबों की बात करू तो इस किताब का जिक्र किये बिना नहीं रह सकती। 

जब मैं स्कूल में थी तो दूरदर्शन पर धारावाहिक आता था ‘फरमान’ —लडकियां इसकी खूब चर्चा करतीं पर मेरी कभी उसे देखने की इच्छा नहीं हुई। फिर एक दिन मौका मिला इस किताब को पढ़ने का। दो बार पढ़ा। तब पता चला की फरमान इसी किताब पर आधारित था। 

संयोगवश, फरमान दोबारा प्रसारित हुआ —ज़ाहिर है, मैंने देखा। जिसका अफ़सोस मुझे आजतक है। जब हम कोई कहानी पढ़ते है, तो अपने मन में किरदारों की, परिस्थितियों की एक छवि बना लेते है, धारावाहिक फरमान ने मेरी वो छवि बिगाड़ दी। 

बहरहाल, आलमपनाह एक खूबसूरत रोमानी कहानी है —एक सीधी-सादी, स्वाभिमानी लड़की और एक बिगड़ैल नवाब की प्रेम कहानी!

अफ़सोस, ये किताब भी आजकल कहीं नहीं मिलती। 

क्या आपने इनमें से किसी किताब को पढ़ा है ? आपकी प्रिय किताबें कौन सी हैं?

 





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Tarang
Tarang Sinha is a freelance writer & author of 'We Will Meet Again'. Her works have been published in magazines like Good Housekeeping India, Child India, New Woman, Woman's Era, Alive, and a best-selling anthology @ Uff Ye Emotions 2.
http://tarangsinha.blogspot.in/

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